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कोरोना पर अफवाह के खिलाफ लड़ाई, वॉट्सऐप ने तैयार किया इनफॉर्मेशन हब, ऐसे करें ऐक्सेस
March 19, 2020 • dr nisha nigam • टेक

WhatsApp कोरोना वायरस इनफॉर्मेशन हब पेज पर कई अलग अलग लैंग्वेज में कॉन्टेंट उपलब्ध हैं. कोरोना वायरस को लेकर जानकारियां हिंदी, मराठी और गुजराती सहित दूसरे इंडिक लैंग्वेज में भी है.

इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप WhatsApp ने कोरोना वायरस को लेकर एक डेडिकेटेड वेब पेज तैयार किया है. इसे कंपनी ने कोरोना वायरस इनफॉर्मेशन हब का नाम दिया है. इसके लिए वॉट्सऐप ने वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के साथ पार्टनर्शिप की है.

WhatsApp ने इस वेब पेज के लिए UNICEF और UNDP के साथ भी इस वेबपेज के लिए पार्टनर्शिप की है. कंपनी ने इशके अलावा 1 मिलियन डॉलर (लगभग 7.44 करोड़ रुपये) फैक्ट चेकिंग नेटवर्क पर खर्च कर रही है. मकसद ये है कि कोरोना वायर से जुड़े अफवाह और भ्रामक खबरों से निपटा जा सके.

वॉट्सऐप ने पॉयंटर इंस्टिट्यूट इंटरनेशनल फैक्ट चेकिंग नेटवर्क को कोरोना वायरस से जुड़े फेक न्यूज से निपटने के लिए पैसे दिए हैं.

WhatsApp Coronavirus Information Hub को हेल्थ वर्कर्स, एजुकेटर्स, कम्यूनिटी लीडर्स, सरकार, लोकल बिजनेस और एनजीओ को ध्यान में रख कर डिजाइन किया गया है. इसके जरिए कोरोना वायरस से जुड़े तथ्य और गाइडलाइन हासिल किए जा सकते हैं.

कोरोना वायरस को लेकर बनाए गए इस डेडिकेटेड वेब पेज पर WHO द्वारा जारी की गई जानकारियां और रिसोर्सेज भी दिए गए हैं. इसके अलावा अलग अलग देशों की हेल्थ मिनिस्ट्री के गाइडलाइन भी दिए गए हैं.

गौरतलब है कि WhatsApp कोरोना वायरस से जुड़ी जानकारियों के लिए WHO और UNICEF के साथ मिल कर हॉटलाइन बनाने का भी काम कर रहा है. कंपनी का दावा है कि इंडोनिशिया, इजरायल, सिंगापुर, ब्राजील और साउथ अफ्रिका में लोकल हेल्थ मिनिस्ट्री और एनजीओ के साथ मिल कर पहले भी इस तरह की जाकारियां उपलब्ध कराती रही ह WhatsApp हेड विल कैथकार्ट ने कहा है, 'इस क्राइसिस के वक्त WhatsApp पर यूजर्स पहले से ज्यादा आ रहे हैं, चाहे फ्रेंड्स, अपने लोग, डॉक्टर, टीचर और स्टूडेंट्स. हम इस समय सभी लोगों को कनेक्ट होने के लिए सिंपल रिसोर्स प्रदान करना चाहते हैं'

विल कैथकार्ट ने ये भी कहा है कि कंपनी अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए प्वॉयंटर इंस्टिट्यूट के साथ पार्टर्शिप करी है जो फैक्ट चेकिंग ऑर्गनाइजेशन है और इसे पैसे भी दिए जा रहे हैं.